Published by: Up Times Live Team
Updated: 10 April, 2026 (Friday, 10:51am)IST
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चुनावी पारा चढ़ने के साथ ही आज लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण किताब यानी ‘अंतिम मतदाता सूची’ जारी होने जा रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा द्वारा जारी की जाने वाली इस लिस्ट पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि तकनीकी खामियों और पारिवारिक मिलान न होने के कारण करीब 2 करोड़ मतदाताओं के नाम इस बार सूची से बाहर किए जा सकते हैं।
पश्चिमी यूपी पर सबसे बड़ी गाज:
सूत्रों के अनुसार, नामों की इस कटौती का सबसे बड़ा असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में देखने को मिल सकता है। जांच के दौरान कुल 2.22 करोड़ मामलों में डेटा संबंधी गड़बड़ी पाई गई थी। इसमें सबसे बड़ी वजह ‘फैमिली मैपिंग’ (पारिवारिक मिलान) का न होना बताया जा रहा है। विभाग ने करीब 1.04 करोड़ लोगों को नोटिस भी जारी किया था।
बढ़ गई मतदाताओं की कुल संख्या:
हालांकि नाम काटे जा रहे हैं, लेकिन नए मतदाताओं के उत्साह ने लिस्ट का ग्राफ बढ़ा दिया है। 6 जनवरी की ड्राफ्ट लिस्ट में जहाँ 12.55 करोड़ नाम थे, वहीं फाइनल लिस्ट में यह संख्या 13.35 करोड़ के पार होने की उम्मीद है। करीब 86.69 लाख युवाओं और छूटे हुए लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरा था।
“नाम कटने पर क्या करें?”
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों का नाम लिस्ट से कट गया है, उनके पास अब भी मौका है। लिस्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर प्रभावित व्यक्ति अपने जिला अधिकारी (DM) के समक्ष अपील दायर कर सकता है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे ‘वोटर हेल्पलाइन ऐप’ या आधिकारिक पोर्टल पर अपना नाम आज ही सुनिश्चित कर लें।












