April 18, 2026 12:53 am

संस्कृति उत्सव में 53 कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां, अब लखनऊ में दिखाएंगे दम

Reported by: Adrash Tripathi 

Edited by: Amit Yadav 

Updated: 13 January, 2026 (Tuesday, 09:21pm)IST

महराजगंज:  जनपद के बालाजी लॉन में उत्तर प्रदेश संस्कृति उत्सव 2025–26 का रंगारंग आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जनपद की सभी तहसीलों से आए युवा कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम का आयोजन सूचना, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी, जिला विद्यालय निरीक्षक श्री प्रदीप कुमार शर्मा, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी तथा निर्णायकगण द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

कार्यक्रम में 25 वर्ष तक की आयु के युवा कलाकारों ने शास्त्रीय, उपशास्त्रीय, लोकगीत एवं सुगम संगीत सहित विभिन्न विधाओं में गायन एवं वादन की प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। कलाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों पर उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।

शासन के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्द्धित करने तथा कला, संगीत, नृत्य एवं लोकनाट्य की विभिन्न शैलियों में प्रतिभाशाली युवा कलाकारों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति उत्सव 2025–26 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद की सभी तहसीलों से कुल 53 कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

जिला सूचना अधिकारी ने बताया कि निर्णायक मंडल द्वारा चयनित कलाकार मंडल स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे। मंडल स्तर से चयनित कलाकार 22 जनवरी को लखनऊ में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। अंतिम रूप से चयनित विजेता कलाकार 24 जनवरी से 26 जनवरी तक लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस के मुख्य कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।

परियोजना निदेशक ने कहा कि सूचना, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग द्वारा ‘हमारी संस्कृति–हमारी पहचान’ के तहत संस्कृति उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इससे ग्रामीण एवं दूर-दराज के क्षेत्रों में छिपी युवा प्रतिभाओं को सामने लाने में मदद मिल रही है। आशा है कि जनपद के प्रतिभाशाली कलाकार लखनऊ में भी अपनी पहचान बनाएंगे और जनपद का नाम रोशन करेंगे।

जिला सूचना अधिकारी ने युवा कलाकारों एवं निर्णायक मंडल का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि संस्कृति उत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय संगीत विधाओं के साथ-साथ लोकगीतों का संरक्षण एवं संवर्द्धन करना है। यह आयोजन भविष्य के श्रेष्ठ कलाकारों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में श्री बेचूदास एवं नीता ने प्रत्येक प्रतियोगी का निष्पक्ष मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का सफल संचालन शिरोमणि दूबे द्वारा किया गया।

इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा, अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार, जिला समन्वयक माध्यमिक शिक्षा एम. के. कन्नौजिया, पंकज कुमार, मनीष कुमार सहित बड़ी संख्या में प्रतियोगी, कलाकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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