Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 18 January, 2026 (Sunday, 05:11pm)IST
महराजगंज: महराजगंज भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री गौतम तिवारी को बदनाम करने के लिए तकनीक के दुरुपयोग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर नोटों की गड्डियों के साथ उनकी एक तस्वीर और वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसे भाजपा नेता ने पूरी तरह फर्जी और ‘AI’ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा निर्मित डीपफेक करार दिया है। उन्होंने इस कृत्य के पीछे विपक्षी दल समाजवादी पार्टी का हाथ होने का सीधा आरोप लगाया है।
विपक्ष की ओछी राजनीति: गौतम तिवारी
मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए गौतम तिवारी ने कहा कि जब विपक्ष के पास विकास के मुद्दों पर लड़ने के लिए कुछ नहीं बचा, तो वे अब चरित्र हनन की गंदी राजनीति पर उतर आए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस फर्जी वीडियो को सबसे पहले सपा नेता और मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश सचिव राहुल यादव की सोशल मीडिया आईडी से साझा किया गया। तिवारी ने कहा, “मेरी छवि को धूमिल करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर यह राजनैतिक षड्यंत्र रचा गया है।”
बेदाग छवि पर प्रहार की कोशिश:
भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि उनका जीवन एक खुली किताब है और उन्होंने हमेशा सादगी के साथ जनता की सेवा की है। उन्होंने कहा:
- उनका अब तक का राजनैतिक और व्यक्तिगत सफर पूरी तरह निष्कलंक रहा है।
- यह वीडियो केवल आगामी राजनैतिक लाभ लेने और कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने की एक नाकाम कोशिश है।
- आज तक उनके विरुद्ध कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड या अनैतिक कृत्य दर्ज नहीं है।
अफवाह वीडियो वायरल करने वाले पर कार्रवाई का अल्टीमेटम:
डिजिटल विशेषज्ञों के अनुसार, डीपफेक तकनीक के माध्यम से किसी भी व्यक्ति का चेहरा या आवाज हूबहू बदली जा सकती है। भाजपा नेता ने इस ‘डिजिटल अपराध’ को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने के संकेत दिए हैं। समर्थकों ने जनता से अपील की है कि वे तकनीक के इस जाल में न फंसें और बिना जांचे किसी भी भ्रामक सामग्री पर विश्वास न करें और न ही उसे साझा करें।













