Published by: Up Times Live Team
Updated: 20 March, 2026 (Friday, 11:58am)IST
मथुरा/वृंदावन: ब्रज प्रवास के दूसरे दिन शुक्रवार को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में डूबी नजर आईं। भारी सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल के बीच, राष्ट्रपति वृंदावन के विख्यात संत बाबा प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने ‘श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम’ पहुंचीं। देश की प्रथम नागरिक ने एक साधारण श्रद्धालु की भांति महाराज श्री के चरणों में शीश नवाया और उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
भक्ति और शक्ति का अनूठा संगम:
राष्ट्रपति का यह दौरा केवल एक औपचारिक प्रवास नहीं, बल्कि ‘भक्ति और शक्ति’ के मिलन का प्रतीक बन गया। आश्रम में राष्ट्रपति मुर्मू ने महाराज श्री के साथ कुछ समय व्यतीत किया और उनके आध्यात्मिक विचारों को श्रवण किया। प्रेमानंद महाराज, जो अपने प्रखर सत्संग और राधा नाम की महिमा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, उन्होंने राष्ट्रपति को सात्विक जीवन और लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने का आशीर्वाद दिया।
आश्रम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने ‘केलि कुंज’ और आसपास के इलाकों को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया था। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात थे, हालांकि आश्रम के भीतर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और शांत बना रहा।
ब्रजवासियों में हर्ष की लहर:
राष्ट्रपति द्वारा ब्रज के संतों का इस प्रकार सम्मान किए जाने से स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रपति की यह सादगी भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा को जीवंत करती है, जहाँ शासक हमेशा संतों के मार्गदर्शन को सर्वोपरि मानते रहे हैं।













