निरीक्षण के दौरान गोबर गैस प्लांट की मरम्मत न होने पर बिफरे जिलाधिकारी, जल निगम के एई को लगाई फटकार
Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 11 April, 2026 (Saturday, 06:11pm)IST
महराजगंज: जनपद के मधवलिया गोसदन को एक आदर्श और आत्मनिर्भर इकाई के रूप में विकसित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी और मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह के साथ गोसदन का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि लापरवाही मिलने पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी भी दी।
लापरवाही पर नाराजगी, जर्जर भवन गिराने के आदेश:
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी तब भड़क गए जब उन्होंने गोबर गैस प्लांट को बंद और बदहाल पाया। उन्होंने इसकी मरम्मत न होने पर कड़ी नाराजगी जताई और जल निगम के सहायक अभियंता (एई) को तत्काल इसे क्रियाशील करने का निर्देश दिया। सुरक्षा की दृष्टि से परिसर के जर्जर भवनों को ध्वस्त करने और अप्रयुक्त शेडों की मरम्मत कर उनमें गोवंशों को शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए।
आंकड़ों में गोसदन की स्थिति:
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने टीम को बताया कि वर्तमान में यहाँ कुल 739 गोवंश संरक्षित हैं, जिनमें 559 नंदी और 180 गायें शामिल हैं।
- चारा प्रबंधन: 242 एकड़ भूमि पर बाजरा, नेपियर और जई जैसे हरे चारे उगाए जा रहे हैं।
- खाद्य स्टॉक: गोसदन में 236 कुंतल भूसा और पर्याप्त मात्रा में चोकर व साइलेज उपलब्ध है।
महिला सशक्तिकरण और आय के स्रोत:
गोसदन को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए ‘स्वयं सहायता समूह’ की महिलाएं वर्मी कंपोस्ट और गोबर से ‘गोकाष्ठ’ (गोबर की लकड़ी) तैयार कर रही हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि:
- वर्मी कंपोस्ट की बिक्री के लिए बेहतर मार्केट लिंकेज तैयार किया जाए।
- अंत्येष्टि स्थलों और नगर निकायों में गोकाष्ठ के उपयोग के लिए कार्ययोजना बनाई जाए।
- अतिरिक्त आय के लिए परिसर में फलदार वृक्षारोपण किया जाए।
बीमार गोवंश की सेवा और स्नेह:
डीएम ने बीमार गोवंशों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिया कि पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित हो। निरीक्षण के समापन पर जिलाधिकारी, एसपी और सीडीओ ने गोवंशों को अपने हाथों से गुड़, केला और चना खिलाकर उनके प्रति स्नेह प्रकट किया।
“मधवलिया गोसदन में एक ‘मॉडल इकाई’ बनने की पूरी क्षमता है। व्यापक कार्ययोजना के जरिए इसे आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।” > — संतोष कुमार शर्मा, जिलाधिकारी












