Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 02 January, 2026 (Friday, 11:21am)IST
हाइलाइट्स:
- 32 लाख के प्रोजेक्ट में मिट्टी भराई के नाम पर हुआ लाखों का हेरफेर
- मनरेगा और ग्राम निधि के तालमेल से हुआ भ्रष्टाचार का ‘खेल’
- -जांच कमेटी की रडार पर तकनीकी अधिकारी और पंचायत सचिव
- ₹5.28 लाख: मनरेगा से मिट्टी कार्य का भुगतान।
- ₹1.34 लाख: ग्राम निधि से फिर उसी काम के लिए निकाला गया।
- ₹85 हजार: मजदूरी के नाम पर अतिरिक्त निकासी।
महराजगंज/निचलौल: सरकारी धन को ठिकाने लगाने के लिए अफसर और जन प्रतिनिधि कैसे नए-नए रास्ते निकालते हैं, इसका ताजा उदाहरण निचलौल ब्लॉक की भेड़िया ग्राम पंचायत में देखने को मिला है। यहाँ निर्माणाधीन मनरेगा पार्क भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। मामला तब खुला जब यह पता चला कि जिस मिट्टी को समतल करने के लिए मनरेगा से ₹5.28 लाख निकाले गए, उसी काम के लिए ग्राम निधि की तिजोरी से भी ₹2.19 लाख (मिट्टी और मजदूरी मिलाकर) साफ कर दिए गए। हालांकि अब इस मामले का संज्ञान जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने ले ली है। 31 दिसंबर 2025 को जारी एक आदेश में उन्होंने जांच कमेटी का गठन किया है।
तीन इस्टीमेट और कई लाख की सेंधमारी का डर:
सूत्रों के अनुसार, पार्क निर्माण को सफेद हाथी बनाने के लिए कुल ₹32 लाख का बजट खपाया जा रहा है। खेल को चतुराई से अंजाम देने के लिए तीन अलग-अलग इस्टीमेट तैयार किए गए। आरोप है कि कागजों पर इंटरलॉकिंग और मिट्टी के काम को अलग-अलग दिखाकर सरकारी बजट को दुधारू गाय समझकर दुहा गया है। इतना ही नहीं, भुगतान के लिए सरकारी वेंडरों के बजाय कुछ निजी खातों का सहारा लिया गया है, जो सीधे तौर पर गबन का मामला बनता है।
तकनीकी जांच में फंसेंगे कई चेहरे:

जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने इस घोटाले की जड़ें खोदने के लिए डीसी मनरेगा और सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता की एक संयुक्त टीम को मैदान में उतार दिया है।
- जांच का बिंदु 1: क्या मौके पर उतनी मिट्टी डाली गई जितना भुगतान हुआ?
- जांच का बिंदु 2: एक ही काम की दो बार एम.बी. (Measurement Book) कैसे भरी गई?
- जांच का बिंदु 3: निजी खातों में भुगतान करने की अनुमति किसने दी?
सख्त कार्रवाई की चेतावनी:
जिला प्रशासन की इस सक्रियता से ब्लॉक कार्यालय से लेकर पंचायत भवन तक खलबली मची हुई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जांच की आंच से कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा। साक्ष्यों से छेड़छाड़ की कोशिश करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।













