सेंट जोसेफ स्कूल के विद्यार्थियों ने खुद डिजाइन किया हाई-पावर मॉडल रॉकेट; जिला स्टेडियम में सफल प्रक्षेपण से हर कोई हैरान
Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 10 February, 2026 (Tuesday, 10:51am)IST
महराजगंज: जनपद के होनहारों ने सोमवार को जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में वह कर दिखाया, जो आमतौर पर इसरो या बड़े रक्षा संस्थानों में देखने को मिलता है। सेंट जोसेफ स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा निर्मित ‘हाई रेंज मॉडल रॉकेट’ ने आसमान की ऊंचाइयों को छूते हुए सफलतापूर्वक उड़ान भरी। करीब एक किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद यह रॉकेट सुरक्षित रूप से धरती पर वापस आ गया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग दंग रह गए।
थ्री-डी प्रिंटिंग और फाइबर ग्लास का कमाल:
इस रॉकेट की सबसे बड़ी खासियत इसका स्वदेशी और आधुनिक निर्माण था। छात्रों ने ‘स्पेस दर्शन’ के सीईओ रघुवीर गुप्ता और उनकी टीम के मार्गदर्शन में इसे तैयार किया।
- नोज कोन: इसे आधुनिक 3D प्रिंटिंग तकनीक से बनाया गया।
- बॉडी ट्यूब: रॉकेट की बॉडी फाइबर ग्लास से निर्मित थी, ताकि वह दबाव झेल सके।
- सुरक्षित लैंडिंग: इसमें मरकरी स्विच आधारित ‘डबल डिप्लॉयमेंट सिस्टम’ लगाया गया था, जिसने निर्धारित ऊंचाई पर पहुँचते ही दो पैराशूट खोल दिए।
‘शुगर फ्यूल’ से मिली ताकत:
पर्यावरण का ध्यान रखते हुए इसमें 35% पोटेशियम नाइट्रेट और 65% शुगर (चीनी) के मिश्रण से तैयार ‘इको-फ्रेंडली’ ईंधन का उपयोग किया गया। यह मिश्रण शक्तिशाली होने के साथ-साथ गैर-प्रतिबंधित और सुरक्षित भी है।
एएसपी ने छात्रों की थपथपाई पीठ:
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एएसपी सिद्धार्थ ने छात्रों के इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा, “न्यूटन के सिद्धांतों को केवल किताबों में नहीं, बल्कि धरातल पर उतार कर इन बच्चों ने साबित कर दिया है कि वे भविष्य के एरोनॉटिक्स वैज्ञानिक बनने की राह पर हैं।”
इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्या लिली थामस, उप प्रधानाचार्य सीजू पिंडियान और प्रबंधक सीजे थामस सहित समस्त शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में छोटे रॉकेटों के बाद हाई-पावर डी-क्लास मोटर रॉकेट के सफल प्रक्षेपण ने विज्ञान महोत्सव जैसा माहौल बना दिया।













