April 17, 2026 6:49 pm

महराजगंज के गांवों में दौड़ेगी विकास की बस: ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ से सुधरेगी ग्रामीण कनेक्टिविटी

Reported by: Adrash Tripathi 

Edited by: Amit Yadav 

Updated: 15 March, 2026 (Sunday, 08:21pm)IST

  • अब डग्गामार वाहनों और निजी साधनों पर निर्भरता होगी खत्म, सस्ती और सुरक्षित यात्रा का सपना होगा सच।
  • 15 से 28 सीट वाली मिनी बसें हर ग्राम पंचायत को ब्लॉक और तहसील मुख्यालय से जोड़ेंगी।
  • जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति करेगी बस संचालकों का चयन; आवेदन प्रक्रिया शुरू।

महराजगंज:  ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और आवाजाही को सुलभ बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ का बिगुल फूंक दिया है। इस योजना के लागू होने से महराजगंज जिले के सुदूर गांवों में परिवहन सेवा की नई उम्मीद जगी है। अब ग्रामीणों को तहसील या जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए घंटों इंतजार या महंगे निजी वाहनों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचेगी सीधी राह:

योजना का प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीणों को सस्ती और नियमित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे विशेषकर छात्र-छात्राओं को कॉलेज जाने और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचने में बड़ी मदद मिलेगी। एआरएम सर्वजीत वर्मा के अनुसार, जिले के हर ब्लॉक में कम से कम दो बसों का संचालन अनिवार्य किया गया है, जो प्रतिदिन कम से कम दो बार ग्राम पंचायतों तक चक्कर लगाएंगी।

कैसी होंगी बसें और क्या हैं शर्तें?

योजना के अंतर्गत संकरी और ग्रामीण सड़कों को ध्यान में रखते हुए छोटे वाहनों को प्राथमिकता दी गई है:

  • वाहन क्षमता: 15 से 28 सीटों वाली मिनी बसें (डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक)।
  • वाहन की आयु: पंजीकरण तिथि से अधिकतम 8 वर्ष पुराने वाहन ही मान्य होंगे।
  • अनुबंध: शुरुआती 10 वर्ष के लिए अनुबंध होगा, जिसे आवश्यकतानुसार 5 वर्ष और बढ़ाया जा सकेगा।
  • इच्छुक संचालकों के लिए सुनहरा अवसर:

परिवहन विभाग ने निजी बस संचालकों से आवेदन मांगे हैं। इच्छुक संचालक 2,000 रुपये आवेदन शुल्क और 5,000 रुपये की प्रतिभूति राशि जमा कर इस योजना का हिस्सा बन सकते हैं। इसके अलावा, परिवहन निगम के संरक्षण में संचालन हेतु प्रति वाहन 1,500 रुपये का मासिक शुल्क देय होगा।

“जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक चयन समिति गठित की गई है। इसमें सीडीओ, एआरटीओ और एआरएम सदस्य के रूप में शामिल हैं। यह समिति पूरी पारदर्शिता के साथ पात्र आवेदकों का चयन कर उन्हें रूट आवंटित करेगी।”

— सर्वजीत वर्मा, एआरएम

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल:

गांवों से ब्लॉक और जिला मुख्यालय का सीधा संपर्क होने से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि छोटे व्यापारियों और किसानों के लिए भी अपने उत्पाद बाजार तक ले जाना आसान होगा। यह योजना महराजगंज के ग्रामीण बुनियादी ढांचे में एक मील का पत्थर साबित होने वाली है।

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