Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 28 March, 2026 (Saturday, 03:51pm)IST
महराजगंज: ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन की पहुंच को सुदृढ़ करने तथा जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु शनिवार को फरेन्दा थाने में ‘थाना समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीणा ने संयुक्त रूप से फरियादियों की समस्याओं को सुना और उनके प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।
राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीमें करेंगी जमीनी विवाद का निपटारा:
जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिनमें अधिकांश मामले जमीन विवाद और पारिवारिक कलह से संबंधित थे। पुलिस अधीक्षक ने प्राप्त प्रार्थना पत्रों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई अपेक्षित है, वहां टीमें तत्काल मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करें। एसपी ने कहा, “शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर गुण-दोष के आधार पर होना चाहिए ताकि पीड़ित को वास्तविक न्याय मिले।”
थाने के डिजिटल रिकॉर्ड और मालखाने की हुई पड़ताल:
जनसुनवाई के पश्चात पुलिस अधीक्षक ने थाने के प्रशासनिक कामकाज का जायजा लिया। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर बारीकी से निरीक्षण किया:
- अभिलेखों की जांच: अपराध रजिस्टर, मालखाना, शस्त्र रजिस्टर और आगंतुक पंजीकरण की शुद्धता जांची गई।
- डिजिटल अपडेट: CCTNS पोर्टल, रोजनामचा और महिला हेल्प डेस्क पर दर्ज सूचनाओं के अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।
- पारदर्शिता: थाना प्रभारी योगेन्द्र राय को कड़े निर्देश दिए गए कि अभिलेखों के रख-रखाव में पूर्ण पारदर्शिता बरतें और जनसेवा में कोई शिथिलता न आने दें।
बढ़ा जनता का भरोसा:
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में शासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जिले में नियमित रूप से आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आमजन को मुख्यालय की दौड़ लगाने से बचाना और उनके द्वार पर ही न्याय सुनिश्चित करना है।













