April 18, 2026 12:56 am

भेड़िया मनरेगा पार्क मामला: जेई और सचिव ने आरोपों को नकारा, जांच टीम को सौंपे साक्ष्य

मशीन के उपयोग पर बोले जेई- “दूरी अधिक होने के कारण केवल मिट्टी ढुलाई में ली गई मदद, काम मजदूरों ने ही किया”

Reported by: Adrash Tripathi 

Edited by: Amit Yadav 

Updated: 03 February, 2026 (Tuesday, 07:11pm)IST

महराजगंज/निचलौल(भेड़िया): निचलौल ब्लॉक के भेड़िया में निर्मित मनरेगा पार्क में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चल रही जांच में नया मोड़ आ गया है। मामले में आरोपित तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच टीम के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया है। मनरेगा अवर अभियंता (जेई) और ग्राम पंचायत अधिकारी ने साक्ष्यों के साथ स्पष्ट किया कि कार्य पूरी तरह पारदर्शिता के साथ नियमानुसार कराया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर दी सफाई:

मनरेगा अवर अभियंता के.के. त्रिपाठी ने सोशल मीडिया और समाचारों में वायरल ट्रैक्टर-ट्रॉली के वीडियो पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने जांच अधिकारियों—उपायुक्त श्रम गौरवेन्द्र सिंह व सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मन्नू चौधरी—को बताया कि पार्क के भीतर मिट्टी भराई का मुख्य कार्य मजदूरों द्वारा ही किया गया है। जेई के अनुसार, “मिट्टी का स्रोत काफी दूर था, जहां से सिर पर मिट्टी ढोना संभव नहीं था। इसलिए केवल 5 से 6 ट्रॉली मिट्टी बाहर से मंगवाई गई थी। बाकी की मिट्टी भराई का कार्य मनरेगा निधि से श्रमिकों द्वारा मिट्टी टोकरी व खांची से पार्क के अन्दर किया गया है और समतलीकरण का कार्य श्रमिकों ने ही किया है।” उन्होंने दावा किया कि मेजरमेंट बुक (MB) में केवल मजदूरों द्वारा किए गए वास्तविक कार्य का ही अंकन किया गया है।

दो अलग-अलग निधियों से हुआ है निर्माण:

भ्रष्टाचार के आरोपों पर सफाई देते हुए अधिकारियों ने बताया कि पार्क का निर्माण दो अलग-अलग मदों के समन्वय से हुआ है। पार्क के आंतरिक हिस्से का कार्य मनरेगा निधि से, जबकि बाहरी सौंदर्यीकरण का कार्य राज्य वित्त निधि से किया गया है। दोनों के खाते और मास्टर रोल अलग हैं, इसलिए इसमें मनरेगा निधि से कराये गए कार्यों में अनियमितता की कोई आशंका नहीं है।

मानवीय पक्ष और ग्रामीणों के बयान:

वहीं, ग्राम पंचायत अधिकारी राजीव रामचन्द्रम ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जिस समय कार्य चल रहा था, वह अपने पिता की गंभीर बीमारी के कारण मानसिक तनाव में थे, लेकिन उन्होंने अपनी ड्यूटी में कोई लापरवाही नहीं बरती। मौके पर मौजूद कई श्रमिकों ने भी जांच अधिकारियों के सामने स्वीकार किया कि उन्होंने ही वहां कार्य किया है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी नजरें:

फिलहाल जांच टीम अधिकारियों के बयानों, तकनीकी दस्तावेजों और मौके की पैमाइश का मिलान कर रही है। अब सभी की निगाहें अंतिम रिपोर्ट पर हैं।

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