Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 23 March, 2026 (Monday, 11:05pm)IST
महराजगंज/निचलौल: सोमवार को निचलौल तहसील का नजारा आम दिनों से बिल्कुल अलग और उत्साहजनक था। यहाँ संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता कोई अनुभवी आईएएस अधिकारी नहीं, बल्कि कक्षा 8 की छात्रा अनन्या दूबे कर रही थीं। ‘मिशन शक्ति 5.0’ के तहत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की इस अनूठी पहल ने न केवल सबको हैरान कर दिया, बल्कि महिला सशक्तीकरण का एक जीवंत उदाहरण पेश किया।
कुर्सी संभालते ही दिखी प्रशासनिक धमक:
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय गड़ौरा की छात्रा अनन्या दूबे को जब डीएम संतोष कुमार शर्मा ने अपनी कुर्सी पर बैठाया, तो अनन्या ने पूरी गंभीरता के साथ जनता की फरियादें सुनीं। फरियादियों के बीच बैठी ग्राम गिरहिया की लक्ष्मीना ने जमीन की पैमाइश न होने का मुद्दा उठाया, जिस पर ‘बालिका डीएम’ ने तहसीलदार को तत्काल मौके पर जाकर जांच करने का कड़ा निर्देश दिया।
गैस एजेंसी और अवैध कब्जे पर कड़ा रुख:
जनसुनवाई के दौरान गैस वितरण में अनियमितता और सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जे जैसे गंभीर मामले भी सामने आए। निचलौल कस्बे के मनीष त्रिपाठी और अशोक मणि ने गैस एजेंसी की शिकायत की, जिसे अनन्या ने गंभीरता से लेते हुए आपूर्ति निरीक्षक को जांच के लिए निर्देशित किया। नायब तहसीलदार को भी कब्जे की शिकायत पर मौके पर रवाना किया गया।
अनुभव ने जगाया प्रशासनिक सेवा का सपना:
एक दिन के लिए जिले की कमान संभालने वाली अनन्या के चेहरे पर आत्मविश्वास देखते ही बन रहा था। अपना अनुभव साझा करते हुए अनन्या ने कहा:
“डीएम की कुर्सी पर बैठकर समस्याओं को सुलझाना एक बड़ा अनुभव रहा। मैंने सीखा कि कैसे जनहित में निर्णय लिए जाते हैं। इस दिन ने मुझे भविष्य में प्रशासनिक अधिकारी बनने का नया लक्ष्य दिया है।”
डीएम की पहल की सराहना:
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और एसपी सोमेन्द्र मीना ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बेटियों के मन से झिझक मिटाना और उन्हें बड़े लक्ष्यों के लिए प्रेरित करना है। तहसील सभागार में मौजूद अधिकारियों और जनता ने प्रशासन के इस संवेदनशील कदम की जमकर प्रशंसा की।













