June 13, 2026 9:35 am

ठूठीबारी उपडाकघर में ₹11.20 लाख का गबन, तत्कालीन उपडाकपाल पर FIR दर्ज

Reported by: Adrash Tripathi 

Edited by: Amit Yadav 

Updated: 11 June, 2026 (Thrusday, 10:58pm)IST

महराजगंज: ठूठीबारी उपडाकघर में सरकारी धनराशि के गबन का एक बड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है। डाक विभाग की आंतरिक जांच में कुल ₹11,20,274 के गबन की पुष्टि होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। डाक विभाग की तहरीर पर थाना ठूठीबारी में तत्कालीन उपडाकपाल भोलानाथ चौधरी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

औचक निरीक्षण में खुली पोल, गायब मिले ₹10.98 लाख

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी भोलानाथ चौधरी 16 दिसंबर 2021 से 2 जुलाई 2024 तक ठूठीबारी उपडाकघर में उपडाकपाल के पद पर तैनात थे। उनके ट्रांसफर के ठीक अगले दिन, यानी 3 जुलाई 2024 को डाक निरीक्षक (महराजगंज उपमंडल) द्वारा उपडाकघर का औचक नगदी सत्यापन (कैश वेरिफिकेशन) किया गया।

इस दौरान तिजोरी से ₹10,98,306 की भारी-भरकम राशि गायब मिली। जब जांच अधिकारी ने तत्कालीन उपडाकपाल से इस रकम के बारे में पूछताछ की, तो वे इसके संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज, वाउचर या सरकारी अभिलेख पेश नहीं कर सके।

सिस्टम में दिखाया जमा, सरकारी खाते से उड़ाए पैसे

विभागीय जांच में डिजिटल धोखाधड़ी का भी खुलासा हुआ है। आरोपी ने 20 फरवरी 2023 को पीएलआई (PLI) प्रीमियम के ₹19,540 और 13 अप्रैल 2023 को आरपीएलआई (RPLI) प्रीमियम के ₹2,428 मैकैमिश प्रणाली (कंप्यूटर सिस्टम) में तो जमा दिखाए, लेकिन चालाकी से इस राशि को सरकारी मुख्य बही-खाते (लेखा) में दर्ज नहीं किया।

विभागीय जांच के बाद पुलिसिया कार्रवाई

डाक विभाग की विस्तृत जांच में दोनों गड़बड़ियों को मिलाकर कुल ₹11,20,274 के सरकारी धन के गबन की पुष्टि हुई है। विभाग के आला अधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Comment

और पढ़ें

best news portal development company in india

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें