खरीफ सीजन 2026: जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक, कालाबाजारी रोकने के लिए ‘अंगूठा’ लगाना अनिवार्य

कृषि विभाग का दावा: यूरिया और डीएपी की आवक शुरू, पिछले वर्ष के मुकाबले यूरिया की उपलब्धता में 1,585 मीट्रिक टन की बढ़ोतरी

Reported by: Adrash Tripathi 

Edited by: Amit Yadav 

Updated: 29 May, 2026 (Friday, 09:15pm)IST

मुख्य बिंदु:

  • पारदर्शिता: आधार, खतौनी और फार्मर रजिस्ट्री दिखाने के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन से ही मिलेगी खाद।
  • सख्ती: नियमों का उल्लंघन करने और थोक बिक्री में अनियमितता पर 15 खाद विक्रेताओं को नोटिस जारी।
  • क्षेत्रफल आधारित वितरण: किसानों को उनकी जोत (जमीन के आकार) के हिसाब से ही आवंटित होगी खाद की मात्रा।

महराजगंज: इस खरीफ सीजन (2026) में जिले के किसानों को खाद की किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा। कृषि विभाग ने जिले में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। विभाग का दावा है कि यूरिया, डीएपी और एनपीके (NPK) सहित सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और अधिकांश क्षेत्रों में किसानों के बीच इसका वितरण भी तेजी से शुरू कर दिया गया है।

इस बार प्रशासन ने खाद की कालाबाजारी और अवैध जमाखोरी को रोकने के लिए बेहद सख्त रुख अपनाया है। अब किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए अपनी पहचान साबित करनी होगी। इसके तहत आधार कार्ड दिखाने के बाद बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही किसानों को अपनी खतौनी और फार्मर रजिस्ट्री भी प्रस्तुत करनी होगी। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को उनके खेत के क्षेत्रफल (जोत) के अनुसार ही डीएपी, एनपीके या यूरिया की बोरी दी जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर खाद की बर्बादी या अवैध भंडारण न हो सके।

📊 उर्वरक उपलब्धता की वर्तमान स्थिति (मीट्रिक टन में)

कृषि विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में खाद की आवक और वितरण के आंकड़े संतोषजनक हैं:

  • यूरिया: खरीफ सीजन के लिए कुल लक्ष्य 62,830 मीट्रिक टन निर्धारित है। 1 अप्रैल से अब तक 30,816 मीट्रिक टन यूरिया प्राप्त हो चुका है, जिसमें से 7,827 मीट्रिक टन किसानों को बांटा जा चुका है। वर्तमान में 22,989 मीट्रिक टन का बंपर स्टॉक शेष है। राहत की बात यह है कि पिछले साल की तुलना में इस बार यूरिया की उपलब्धता में 1,585 मीट्रिक टन की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
  • डीएपी: डीएपी का कुल लक्ष्य 18,742 मीट्रिक टन है। अब तक 10,338 मीट्रिक टन की आपूर्ति हो चुकी है, जिसमें से 3,535 मीट्रिक टन का वितरण हो चुका है और 6,803 मीट्रिक टन स्टॉक में सुरक्षित है।
  • एनपीके व अन्य: जिले को अब तक 7,974 मीट्रिक टन एनपीके प्राप्त हुआ है, जिसमें से 715 मीट्रिक टन वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा एसएसपी (SSP) और एमओपी (MOP) का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

⚖️ जमाखोरों पर प्रशासनिक हंटर, 15 विक्रेताओं को नोटिस

खरीफ सीजन में सुचारू वितरण व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी (DM), सीडीओ (CDO) और जिला कृषि अधिकारी द्वारा लगातार ब्लॉक स्तर पर समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि निर्धारित दरों से अधिक वसूली या अनावश्यक होर्डिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने मई महीने में नियमों का उल्लंघन कर 10 बोरी से अधिक यूरिया व डीएपी की संदिग्ध बिक्री करने वाले 15 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर सख्त संदेश दिया है।

📢 अफ़वाहों पर ध्यान न दें किसान, सबको मिलेगी खाद: कृषि अधिकारी

जिला कृषि अधिकारी महराजगंज शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा, “जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। किसान किसी भी प्रकार की अफवाह या पैनिक में न आएं। सभी को उनकी जरूरत और भूमि के रकबे के अनुसार डीएपी, एनपीके और यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। वितरण में पारदर्शिता रखने के लिए ही आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था लागू की गई है।”

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