Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 17 July, 2026 (Friday, 11:21pm)IST
महराजगंज/घघली: साइबर अपराधियों के मकड़जाल का एक बड़ा और चौंकाने वाला कनेक्शन महराजगंज जिले से सामने आया है। गुजरात और महाराष्ट्र के दो नागरिकों से हुई करीब 1.40 लाख रुपये की साइबर ठगी की रकम घुघली थाना क्षेत्र की तीन महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। यही नहीं, इन खातों से एटीएम के जरिए मोटी रकम ठिकाने भी लगा दी गई।
मामले का खुलासा ‘प्रतिबिंब पोर्टल’ पर मिले एटीएम हॉटस्पॉट और साइबर सेल की जांच के बाद हुआ है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीनों महिला खाताधारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खातों में आए रुपये और एटीएम से हुई धड़ाधड़ निकासी
पुलिस जांच और बैंक से प्राप्त केवाईसी (KYC) के अनुसार, ठगी की यह रकम जियो पेमेंट बैंक के तीन अलग-अलग खातों में जमा कराई गई थी।
रामपुर महुअवा की सुनीता व मीरा निशाने पर: गुजरात के गांधीनगर (थाना कालोल) निवासी भवेश भाई की शिकायत पर जब पुलिस ने जांच की, तो पता चला कि ठगी के 50,000 रुपये रामपुर महुअवा निवासी सुनीता और 41,800 रुपये मीरा के खातों में आए थे। सुनीता के खाते से पूरे 50 हजार और मीरा के खाते से 32,800 रुपये एटीएम से निकाल लिए गए।
आंबेडकर नगर की मंजू का खाता भी शामिल: दूसरे मामले में महाराष्ट्र के औरंगाबाद (थाना वालूंग) निवासी मंगेश परमेश्वर हेंडरे से हुई ठगी के 50,000 रुपये घुघली के आंबेडकर नगर (वार्ड नंबर-3) निवासी मंजू के खाते में आए, जिसमें से 40,000 रुपये तुरंत एटीएम से उड़ा दिए गए।
‘प्रतिबिंब पोर्टल’ ने ऐसे पकड़ा फ्रॉड का लोकेशन
साइबर अपराधियों ने रकम ट्रांसफर करने के बाद जैसे ही महराजगंज के स्थानीय एटीएम से पैसे निकाले, ‘प्रतिबिंब पोर्टल’ पर वह लोकेशन ‘संदिग्ध एटीएम हॉटस्पॉट’ के रूप में फ्लैश हो गई। इसके बाद जब साइबर थाने की पुलिस ने संबंधित बैंक खातों की कुंडली खंगाली, तो इन स्थानीय महिलाओं के नाम सामने आए।
“प्रतिबिंब पोर्टल पर चिह्नित संदिग्ध मोबाइल नंबरों और एटीएम हॉटस्पॉट की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जांच में इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन (मनी ट्रेल) के लिए पाया गया है, जिसके आधार पर तीनों महिलाओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। अब पुलिस इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि इन महिलाओं की भूमिका क्या है, इन्हें पैसे के बदले क्या कमीशन मिला और एटीएम से रकम निकालने वाले असल चेहरे कौन हैं। जल्द ही पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जाएगा।”
— सजनू यादव, प्रभारी, साइबर क्राइम थाना










