स्टिंग के बाद भी नहीं टूटी मिलीभगत की साठगांठ; बगीचा बना नशेडियों का अड्डा, सिंदुरिया पुलिस की खामोशी पर गंभीर सवाल
Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Up Times Live Team
Updated: 27 July, 2026 (Monday, 03:51pm)IST
सिंदुरिया/महराजगंज: कानून का खौफ बेअसर और खाकी का इकबाल खामोश! सिंदुरिया थाना क्षेत्र के बलुही धूस चौराहे पर गांजे के अवैध कारोबार ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। कुछ महीनों की शांति के बाद दोबारा पटरी पर लौटे इस काले धंधे से न केवल समूचा क्षेत्र आक्रोशित है, बल्कि स्थानीय पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर भी सीधे उंगलियां उठने लगी हैं।
वायरल वीडियो का असर खत्म, बेखौफ हुए धंधेबाज
गौरतलब है कि बीते दिनों इसी इलाके में खुलेआम बिकते गांजे का पर्दाफाश करते हुए एक सनसनीखेज स्टिंग ऑपरेशन किया गया था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा था और कुछ दिनों के लिए कार्रवाई का चाबुक चला था। लेकिन, मामला ठंडा पड़ते ही माफियाओं ने पुलिसिया सुस्ती का फायदा उठाकर दोबारा अपनी जड़े मजबूत कर लीं।
सफेदपोशों की शह पर फल-फूल रहा काला धंधा
स्थानीय सूत्र बताते हैं कि इस गिरोह को इलाके के कई चर्चित और प्रभावशाली ‘रसूखदारों’ का खुला संरक्षण प्राप्त है। इसी राजनैतिक और सामाजिक कवच के दम पर धंधेबाज बेखौफ होकर कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
बगीचे में जमघट, राहगीरों का निकलना दूभर
कारोबार का नया ठिकाना अब बलुही धूस स्थित बगीचा बन चुका है। शाम ढलते ही यहाँ असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों की महफिल सजने लगती है, जिससे स्थानीय नागरिकों और राहगीरों में डर का माहौल व्याप्त है।
जनता की मांग: माफिया और उनके संरक्षकों पर हो नकेल
प्रशासन की इस रहस्यमयी चुप्पी से ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। क्षेत्रीय जनता ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक महराजगंज से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ मोहरों पर ही नहीं, बल्कि इस काले साम्राज्य को शह देने वाले पर्दे के पीछे के ‘नायकों’ पर भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।











