Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 04
- महराजगंज में DM और SP ने कलेक्ट्रेट सभागार में की हाई-लेवल बैठक, दिए सख्त निर्देश
- ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत नकलविहीन और शुचितापूर्ण परीक्षा कराने का खाका तैयार
महराजगंज: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पदों की सीधी भर्ती परीक्षा-2025 को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए महाराजगंज जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि परीक्षा की गरिमा से खिलवाड़ करने वाले तत्वों और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
DM के सख्त निर्देश: शुचिता से कोई समझौता नहीं, परीक्षार्थियों को न हो असुविधा
बैठक में तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों, केंद्र व्यवस्थापकों, सेक्टर व स्टैटिक मजिस्ट्रेट्स और पुलिस अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने साफ किया कि परीक्षा पूर्णतः शुचितापूर्ण, पारदर्शी और नकलविहीन वातावरण में होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
SP की चेतावनी: सॉल्वर गैंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर रहेगी ‘तीसरी आंख’
पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा खाके को स्पष्ट करते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग, ब्लूटूथ व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग और किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। खुफिया तंत्र और पुलिस बल को सक्रिय कर दिया गया है।
SP ने कड़े लहजे में कहा, “अगर किसी भी परीक्षा केंद्र पर कोई अनुचित गतिविधि पाई गई, तो त्वरित और कठोरतम कार्रवाई होगी। यदि किसी केंद्र प्रभारी, कर्मचारी या पुलिसकर्मी ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उनके विरुद्ध तत्काल विभागीय और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत रहेगा और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। जिला प्रशासन का यह कदम परीक्षा की विश्वसनीयता को बनाए रखने और योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा और सशक्त प्रयास माना जा रहा है।











