Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 25 October, 2025 (Saturday, 02:51pm)IST
महराजगंज/निचलौल: जिले के निचलौल थाना क्षेत्र के अन्तर्गत डोमा राइस मिल चौराहे पर विगत छः माह से अवैध रूप से बिक रही कच्ची व जहरीली शराब का विरोध स्थानीय युवाओं के द्वारा किया गया।
अबैध शराब बिक्री को लेकर सड़कों पर उतरे युवा:
युवाओं ने बताया कि, आए दिन इस जहरीली शराब को पीने से चौराहे पर तमाम बवाल व मारपीट होते रहते हैं तथा इस कच्ची व जाहरीली शराब को पीने के लिए आसपास के गांव से भी लोग यहां पहुंचते हैं तथा नशे में धुत होकर चौराहे पर आये व राह चलते बहन-बेटियों को अभद्र टिप्पणी करते रहते हैं। युवाओं ने यह भी बताया कि, कच्ची शराब की लत से किशोरों पर काफी दुष्प्रभाव पड़ रहा है जिससे उनका जीवन अंधकारमय होता चला जा रहा है। यह सारा खेल आबकारी विभाग की मिलीभगत से चल रहा है। क्योंकि कच्ची बेचने वाले बेखौफ होकर खुलेआम विगत छः माह से बेच रहे हैं। जो आबकारी विभाग निचलौल के नाच के नीचे चल रहा है।
जिसको लेकर स्थानीय युवाओं द्वारा दारू बेचने वालों को सख्त हिदायत देते हुए यह कहा गया कि दारू बेचना बंद कर दें। अन्यथा की स्थिति में उग्र युवा किसी भी स्तर को जाने के लिए तैयार होंगे। उपस्थित युवाओं द्वारा स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रशासन व पुलिस अधीक्षक महाराजगंज से यह अनुरोध किया है कि, उक्त प्रकरण को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करने का कष्ट करें जिससे ग्राम सभा डोमा खास में शांति व्यवस्था कायम रहे।
निचलौल व सदर तहसील क्षेत्र में बिक रही खुलेआम देशी शराब की पड़ताल व हकीकत:

खुलेआम शराब बिक्री की तहकीकात व पड़ताल दिनांक 19/10/2025 व 20/10/2025 को यूपी टाइम्स लाइव व न्यूज 18 प्लस टीम द्वारा की गई। जिसमें पाया गया कि, जिले के तहसील निचलौल व सदर के बैकवार्ड एरिया में खुलेआम गांजा व शराब की बिक्री चल रही है। डोमा राइसमिल चौहरा पर लगभग हर दुकानों पर देशी शराब की बिक्री खुलेआम पायी गई जिसे सरकारी दर मूल्य 55 रूपये में खरीदकर इसे खुलेआम 65 रूपये प्रति पैकेट की दर से बिक्री चल रही है। इसके अलावा मोजरी, भेड़िया, बकरूहां, हड़खोड़ा व बलुउहीं धुस में खुलेआम गांजा की बिक्री हो रही है। जिसकी सूचना आबकारी निरीक्षक निचलौल वैभव कुमार यादव को देने की कोशिश भी की गई पर उनका फोन नहीं उठा।
सदर तहसील के रेहायसी इलाकों में भी यही करतूत देखने को मिली, जिसमें आबकारी निरीक्षक सदर गिरीश आनंद से भी कई बार फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई पर फोन नहीं उठा।
आबकारी विभाग पर उठ रहे सवाल:
सवाल यह उठता है कि, क्या आबकारी विभाग इन जगहों से अनभिज्ञ है या उनकी मिलीभगत से यह कारोबार चल रहा है। कुछ जगहों के पड़ताल में यह भी पता चला कि, नीचे से ऊपर तक हफ्ता व महीना बधा हुआ है। यह आबकारी विभाग पर सवालिया निशान खड़ा करता है।
पर अब सबकी निगाहें जिले के तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी पर टिकी हुई हैं। क्योंकि यह देश के किशोरों व युवाओं के जिंदगी का सवाल है।
अवैध मदिरा या मादक पदार्थ बिक्री में लिप्त लोगों पे विगत में कार्यवाही की गई हैं, इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है , जल्द ही छापेमारी की कार्यवाही करके मुक़दमा पंजीकृत किया जाएगा ।
वैभव कुमार यादव, आबकारी निरीक्षक निचलौल












