कैंपस में अनुशासन और समानता के लिए राजभवन का बड़ा फैसला, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिए सख्त निर्देश; शिक्षक भी गरिमा में रहें।
Published by: Up Times Live Team
Updated: 21 May, 2026 (Thrusday, 08:21pm)IST
लखनऊ/बलिया: उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में अब छात्र अपनी मर्जी के कपड़ों में नजर नहीं आएंगे। राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म (गणवेश) पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। बुधवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने उच्च शिक्षा में अनुशासन को सख्ती से लागू करने के लिए यह कड़ा निर्देश जारी किया।
कैंपस में दिखेगी एकरूपता, कॉलेज खुद तय करेंगे रंग और डिजाइन
वर्तमान में सूबे के अधिकांश विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र अपनी पसंद के कैजुअल कपड़ों में आते हैं। सिर्फ कुछ गिने-चुने महिला और सह-शिक्षा (को-एजुकेशन) कॉलेजों में ही ड्रेस कोड लागू है। राज्यपाल के इस नए आदेश के बाद अब सभी राज्य विश्वविद्यालयों को अपने स्तर पर यूनिफॉर्म का रंग और डिजाइन तय करने की छूट होगी। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कैंपस के भीतर छात्र-छात्राओं में समानता और एकरूपता की भावना पैदा करना है।
बलिया के जननायक चंद्रशेखर विवि की समीक्षा में लिया गया निर्णय
यह बड़ा फैसला जनभवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से संबद्ध कॉलेजों की प्रगति की समीक्षा कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नियम प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों पर समान रूप से लागू होगा।
शिक्षकों को सख्त नसीहत: महिला सम्मान और गरिमा को न पहुंचे ठेस
समीक्षा बैठक के दौरान कुलाधिपति ने केवल छात्रों के पहनावे पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के आचरण पर भी गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने शिक्षकों को नसीहत देते हुए कहा कि शिक्षक समाज का आईना होते हैं, इसलिए वे कोई भी ऐसा काम न करें जिससे उनकी गरिमा धूमिल हो। विशेष रूप से महिलाओं के सम्मान और गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।











