Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 21 May, 2026 (Thrusday, 08:15pm)IST
महराजगंज/लक्ष्मीपुर: सोशल मीडिया पर लाइक्स और रील बनाने का भूत युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन महराजगंज में रील के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के लक्ष्मीपुर रेंज (अचलगढ़ बीट) से एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक साखू के पेड़ पर आराम कर रहे एक तेंदुए के ठीक नीचे खड़े होकर उसका वीडियो बना रहे हैं।
वीडियो वायरल होते ही वन विभाग की टीम हरकत में आ गई है और प्रतिबंधित वन क्षेत्र में बिना अनुमति घुसने वाले इन युवकों की तलाश तेज कर दी गई है।
शोर-शराबे से आक्रामक हो सकते हैं वन्यजीव: रेंजर
लक्ष्मीपुर रेंज के रेंजर वेदप्रकाश शर्मा ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने बताया कि, “जंगल के भीतर जाकर इस तरह की भीड़ जुटाना और शोर-शराबा करना बेहद खतरनाक है। इससे तेंदुआ या अन्य वन्यजीव आक्रामक हो सकते हैं और किसी बड़ी अनहोनी को अंजाम दे सकते हैं। रील बनाने वाले युवकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।”
पहले भी हो चुका है हमला, फिर भी नहीं लिया सबक
यह कोई पहली घटना नहीं है, जब इस क्षेत्र में रील के चक्कर में जान पर बन आई हो। महज़ कुछ दिन पहले, 12 मई को भी अचलगढ़ जंगल की एक पुलिया के पास साइफन में बैठे तेंदुए का रील बनाने की कोशिश की गई थी। उस दौरान तेंदुए ने हमला कर पप्पू और अनिरुद्ध नाम के दो युवकों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लक्ष्मीपुर में भर्ती कराना पड़ा था। इस पुरानी घटना के बावजूद युवा सबक लेने को तैयार नहीं हैं।
दर्ज होगी FIR, होगी सख्त कार्रवाई
सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) निरंजन सुर्वे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि संरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति के प्रवेश पूरी तरह अवैध है। वन्यजीवों के साथ इस तरह की छेड़छाड़ न केवल जानवरों के लिए तनाव पैदा करती है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) को भी बढ़ावा देती है। आरोपित युवकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।












