June 2, 2026 12:24 pm

लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए 143.39 लाख रुपए घोटाले का अभी भी नहीं हुआ खुलासा, कार्यवाही की मांग

Published by: Up Times Live Team 

Updated: 28 October, 2025 (Tuesday, 06:42pm)IST

महराजगंज: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) का बड़ा घोटाला सामने आया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गांव विशुनपुर गबडुआ में 66.64 लाख रुपये के सड़क घोटाले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि जिले में एक और अनियमितता उजागर हो गई थी।

संवाददाता के अनुसार विशुनपुर गबड़ुआ की घटना से पहले ही विभाग पर सवाल उठ रहे थे लेकिन इस नए खुलासे ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। बताया गया है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा इस मामले को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं। हालांकि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले संगठन “युवा हल्ला बोल” ने इसे प्रकाश में लाने का काम किया था।

शिलापट्ट हटाने की बात स्वीकार किए थे पूर्व अधिशासी अभियंता धर्मपाल सिंह:

 

केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री के गांव में लगवाया गया था यह शिलापट्ट

महराजगंज के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ने घटनास्थल से शिलापट्ट हटाने की बात स्वीकार की थी। लेकिन इस कदम से मामले को दबाया नहीं जा सकता। जनता में इस घटनाक्रम को लेकर आक्रोश बढ़ रहा है और वे गहन जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री के गांव से पनेवा पनेई जोड़ने वाले मार्ग में भी भ्रष्टाचार:

दर्शल जिले के विशुनपुर गबडुआ का मामला उजागर होने के बाद जिले के सांसद और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के गांव धनेवा धनेई में बिना सड़क बने लोकार्पण के शिलापट्ट लगाए जाने का मामला चर्चा में आ गया था।

खबर प्रकाश में आने के बाद बचने के लिए शिलापट्ट हटवाया था प्रान्तीय लोक निर्माण विभाग महराजगंज

खबर चलाये जाने के बाद विभाग ने आनन फानन में शिलापट्ट को ही हटा दिया लेकिन लोकार्पण का शिलापट्ट देखने के बाद स्थानीय निवासी अपने सड़क को ढूंढने लगे थे।

जिले के सांसद और भारत सरकार में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के गांव धनेवा धनेई में केंद्रीय मंत्री के बूथ पर लगे लोकार्पण शिलापट्ट को पढ़-पढ़ के लोग सड़क ढूंढ रहे थे। जिसके बाद विभाग ने शिलापट्ट को ही हटवा दिया लेकिन सवाल ये उठता है कि अगर लोकार्पण शिलापट्ट लगा तो धन भी निकाला होगा उसका बंदरबांट भी हुआ होगा लेकिन जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होती है।

आरटीआई आवेदक अरूण शंकर त्रिपाठी ने बताया कि, लोक सूचना अधिकारी से हमारी अगली मांग घोटाले की इन बिंदुओं पर होगी जिससे भ्रष्टाचार में संलिप्त दोषियों का पोल न्यायपालिका में उजागर कर सख्त से सख्त कार्यवाही करायी जा सके।

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