Published by: Up Times Live Team
Updated: 04 October, 2025 (Saturday, 10:26am)IST
भारत सरकार द्वारा जुलाई 2023 में ही एनएचएम कर्मचारियों के वेतन भुगतान प्रक्रिया में बदलाव का निर्देश दिया गया तथा सरकार को आन्दोलन का भी अल्टीमेटम दिया है।
लखनऊ: लखनऊ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से जुड़े हजारों कर्मचारियों को तीन माह से मानदेय न मिलने के चलते गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। दशहरा बिना वेतन गुजार चुके ये कर्मचारी अब दिवाली भी अधर में देखते हुए आक्रोशित हैं। एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने 10 अक्तूबर तक भुगतान न होने पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने की चेतावनी दी है। वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के स्पष्ट निर्देश के बावजूद भुगतान प्रक्रिया में देरी ने शासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रदेश में करीब एक लाख से अधिक एनएचएम कर्मी कार्यरत हैं। इसके अलावा 108 और 102 एंबुलेंस सेवा, एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवा, विभिन्न जांच सेवाओं सहित कई संस्थाएं एनएचएम के जरिए ही चल रही हैं। इनमें भी करीब 50 हजार से अधिक कर्मी कार्यरत हैं। इन संस्थाओं के संचालकों का कहना है कि एनएचएम से भुगतान होते ही कर्मचारियों का मानदेय भुगतान किया जाएगा।
एंबुलेंस के चालकों व अन्य कर्मचारियों ने दो दिन पहले मुख्यालय पहुंच कर आक्रोश जताया था। चेतावनी दी कि 10 अक्तूबर तक मानदेय का भुगतान नहीं होता है तो वे सेवाएं ठप करने के लिए विवश होंगे। वे दशहरा नहीं मना पाए हैं। यदि मानदेय नहीं मिला तो दिवाली भी नहीं मना पाएंगे।
जानिए क्या है पूरा मामला:
सूत्रों की मानें तो भारत सरकार द्वारा जुलाई 2023 में ही एनएचएम कर्मचारियों के वेतन भुगतान प्रक्रिया में बदलाव का निर्देश दिया गया। सभी के लिए सिंगल नोडल एजेंसी (एसएनए) ईस्पर्श प्रणाली लागू करने की बात कही गई।
इसके तहत केंद्र से प्रायोजित सभी योजनाओं का फंड एक ऑनलाइन सिस्टम के जरिए जारी होगा। विभागीय अफसरों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया। ऐसे में केंद्र ने इस प्रणाली में शामिल न होने की वजह से मानदेय का बजट रोक दिया।
उपमुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी:
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एनएचएम कर्मियों का मानदेय समय पर भुगतान नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने चार दिन पहले आदेश दिया था कि त्योहार पर एनएचएम कर्मियों को तत्काल मानदेय भुगतान किया जाए। इसके बाद भी मानदेय नहीं मिल पाया है। इस मामले में उन्होंने मिशन निदेशक से रिपोर्ट भी तलब की है। मानदेय भुगतान में देरी होने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों का नाम भी पूछा है।
एनएचएम कर्मचारियों में बढ़ा आक्रोश:
संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री योगेश कुमार उपाध्याय ने बताया, मानदेय नहीं मिलने से एनएचएम से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वे स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने की चेतावनी दे रहे हैं। संघ की ओर से समझा बुझाकर शांत कराया गया है। जल्द से जल्द मानदेय भुगतान नहीं हुआ तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
जल्द होगा सभी कर्मियों का भुगतान:
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा अमित कुमार घोष ने बताया,एनएचएम को निर्देशित किया गया है कि सभी जिलों में कर्मचारियों का मानदेय भुगतान जल्द से जल्द किया जाए। कुछ जिलों में भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उम्मीद है कि दो चार दिन में सभी का मानदेय भुगतान हो जाएगा।












