Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 07 November, 2025 (Friday, 12:58pm)IST
सिसवा/महराजगंज: महराजगंज जनपद के सिसवा स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान एक प्रसूता की मौत हो जाने के बाद बवाल मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के सामने शव रखकर जमकर हंगामा किया। सूचना पाकर पहुंची कोठीभार पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
लापरवाही का आरोप, अस्पताल संचालक फरार:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिसवा क्षेत्र के ग्राम परसिया निवासी अनिल चौहान की 35 वर्षीय पत्नी बबली को प्रसव पीड़ा होने पर गुरुवार को सिसवा कस्बे के कोठीभार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने महिला का ऑपरेशन तो किया, लेकिन इसके बाद उसे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा और उसकी हालत बिगड़ गई।
स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल संचालक ने कथित तौर पर महिला को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया और खुद मौके से फरार हो गए। परिजनों का दावा है कि बबली की मौत सिसवा के निजी अस्पताल में ही हो चुकी थी।
शव रखकर प्रदर्शन, पुलिस की मशक्कत:
शुक्रवार को परिजन मेडिकल कॉलेज से प्रसूता का शव लेकर वापस निजी अस्पताल पहुंचे और अस्पताल के सामने शव रखकर जमकर हंगामा शुरू कर दिया। वे अस्पताल संचालक के विरुद्ध गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कोठीभार पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने किसी तरह आक्रोशित परिजनों को शांत कराया।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई:
प्रभारी निरीक्षक कोठीभार ने बताया कि परिजनों को समझा-बुझाकर मामले को शांत करा दिया गया है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में चल रहे अवैध संचालन और चिकित्सीय लापरवाही के मामलों को उजागर कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही प्रसूता की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।












