शोक में डूबा इलाहाबाद गांव: नल पर पानी भरने गई थी 35 वर्षीय शमा परवीन, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया
Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 16 May, 2026 (Saturday, 02:21pm)IST
महराजगंज/पनियरा: थाना क्षेत्र के इलाहाबाद गांव में शनिवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां घर के पीछे लगे नल पर पानी भरने गई एक 35 वर्षीय महिला की करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से ही पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है। मृतका की पहचान शमा परवीन (35) पत्नी समीर अंसारी के रूप में हुई है। वह अपने पीछे दो मासूम बच्चों को रोता-बिलखता छोड़ गई हैं।
सुबह-सुबह काल बन उतरा नल में करंट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे शमा परवीन अपने तीन वर्षीय छोटे बेटे अर्सलान को शौच कराने के बाद घर के पीछे स्थित नल पर पानी भरने गई थीं। जैसे ही उन्होंने पानी के लिए टिल्लू पंप का स्विच ऑन किया, अचानक मोटर में आए शॉर्ट सर्किट के कारण पूरे नल और लोहे के पाइप में तेज करंट उतर आया। शमा परवीन का हाथ नल से छूते ही वह करंट की चपेट में आ गईं। करंट का झटका इतना जोरदार था कि वह गंभीर रूप से झुलसकर मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ीं।
पति ने देखा तो उड़ गए होश, अस्पताल ले जाते समय थमीं सांसें
कुछ देर बाद जब मृतका के पति समीर अंसारी घर के बाहर निकले, तो पत्नी को नल के पास बेसुध पड़ा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने आनन-फानन में दौड़कर मोटर का मेन स्विच बंद किया और शोर मचाकर आसपास के ग्रामीणों को इकट्ठा किया। परिजन और स्थानीय लोग तुरंत शमा परवीन को निजी वाहन से इलाज के लिए पनियरा ले जा रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी सांसें थम गईं।
इलेक्ट्रिक प्लंबर हैं पति, मासूमों का रो-रोकर बुरा हाल
इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतका के पति समीर अंसारी खुद पेशे से इलेक्ट्रिक प्लंबर का काम करते हैं, जो दूसरों के घरों में बिजली और पानी की फिटिंग दुरुस्त करते हैं। लेकिन शनिवार की सुबह उनके अपने ही घर में हुआ यह तकनीकी फॉल्ट उनकी खुशियां उजाड़ गया। शमा परवीन की मौत के बाद उनके 10 वर्षीय बेटे अरशद अंसारी और 3 वर्षीय मासूम अर्सलान का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें अब तक यह भी नहीं मालूम कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रहीं।
मायके पक्ष में भी मातम, सुपुर्द-ए-खाक की तैयारी
हादसे की खबर मिलते ही मृतका के मायके वाले भी रोते-बिलखते इलाहाबाद गांव पहुंच गए। एक झटके में उजड़े हंसते-खेलते परिवार को देख हर आंख नम है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। दोपहर बाद परिजन शव को सुपुर्द-ए-खाक (अंतिम संस्कार) करने की तैयारियों में जुट गए।











