डीएम संतोष कुमार शर्मा ने आईजीआरएस और जन शिकायतों की समीक्षा की, समयबद्ध निस्तारण के दिए सख्त निर्देश
Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 22 February, 2026 (Sunday, 12:15pm)IST
महराजगंज: जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और जन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सख्त रुख अख्तियार किया है। कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों का निस्तारण केवल कंप्यूटर ऑपरेटरों के भरोसे न छोड़ा जाए, बल्कि अधिकारी स्वयं प्रतिदिन पोर्टल पर शिकायतों की समीक्षा कर उनका गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।
‘मांग’ और ‘शिकायत’ के बीच का अंतर समझें अधिकारी
डीएम ने शिकायतों के निस्तारण में स्पष्टता लाते हुए निर्देश दिया कि प्रार्थना पत्रों को उनकी प्रकृति के अनुसार दो श्रेणियों में बांटा जाए।
- मांग श्रेणी: चकमार्ग, नाली निर्माण या अन्य विकास कार्यों से जुड़े पत्रों को ‘मांग’ माना जाए।
- शिकायत श्रेणी: कार्यों में अनियमितता या किसी गड़बड़ी से संबंधित मामलों को ‘शिकायत’ की श्रेणी में रखकर निस्तारित किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि बिना किसी ठोस और वैध कारण के किसी भी शिकायत को ‘स्पेशल क्लोज’ न किया जाए।
सुबह 10 बजे कार्यालय में उपस्थिति अनिवार्य:
शासन की मंशा का हवाला देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी सुबह 10 बजे अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। उन्होंने सचेत किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा कभी भी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति और कार्यों की औचक जांच की जा सकती है। जिन विभागों में शिकायतों का अंबार लगा है, वहां के विभागाध्यक्ष नियमित समीक्षा कर समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण करें।
बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी:
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) महेंद्र कुमार सिंह, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) डॉ. प्रशांत कुमार, अपर उप जिलाधिकारी विजय कुमार यादव सहित जिला विकास अधिकारी, पीडी, डीपीआरओ और अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे। वहीं, सभी एसडीएम और तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन बैठक से जुड़े रहे।











