बड़ी कार्रवाई: मनरेगा और राज्य वित्त के बजट में भारी सेंधमारी, मशीनों से काम कराकर चहेतों के खातों में भेजी रकम
Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 27 February, 2026 (Friday, 09:11pm)IST
महराजगंज/निचलौल: विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट करने वालों पर जिला प्रशासन ने कड़ा हंटर चलाया है। निचलौल ब्लॉक के ग्राम पंचायत भेड़िया में ₹7.15 लाख की वित्तीय अनियमितता उजागर होने पर डीएम संतोष कुमार शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम ने ग्राम प्रधान अखिलेश प्रकाश यादव के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज कर दिए हैं, वहीं सचिव राजीव रामचंद्रन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जांच में खुली पोल: मजदूरों का हक मारकर ट्रैक्टर मालिकों को भुगतान:
शिकायत के बाद हुई प्रारंभिक जांच में भ्रष्टाचार की चौंकाने वाली परतें खुली हैं। मनरेगा पार्क में मिट्टी भराई और समतलीकरण के कार्य में भारी खेल किया गया:
- मशीनों का खेल: नियमों के मुताबिक मनरेगा में श्रमिकों से काम कराया जाना था, लेकिन यहां गुपचुप तरीके से मशीनों (जेसीबी/ट्रैक्टर) से काम कराया गया।
- बिना टेंडर भुगतान: बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के 4.43 लाख रुपये तीन अलग-अलग ट्रैक्टर मालिकों के निजी खातों में डाल दिए गए।
- दोहरा भुगतान: जांच में पाया गया कि मनरेगा पार्क के एक ही कार्य के लिए दो बार भुगतान निकाला गया।
- पोर्टल का दुरुपयोग: पीएफएमएस (PFMS) पोर्टल पर बिना वैध वेंडर रजिस्ट्रेशन के ही निजी खातों को फ्रीज कर धनराशि ट्रांसफर की गई।
अंकों में अनियमितता का कच्चा चिट्ठा:
- कुल गबन: ₹7,15,371
- मनरेगा मद: ₹2,71,436
- राज्य वित्त मद: ₹4,43,935
हड़कंप: अब तीन सदस्यीय समिति चलाएगी गांव की सरकार
डीएम के आदेश के बाद पंचायती राज विभाग और मनरेगा सेल में हड़कंप मच गया है। प्रधान के अधिकार सीज होने के बाद अब गांव के विकास कार्यों के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जा रहा है। रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक पर भी गाज गिरनी तय है; तकनीकी सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
“भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति है। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि नियमों को ताक पर रखकर भुगतान किया गया। प्रधान और सचिव का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं था, इसलिए कड़ी कार्रवाई की गई है। अंतिम जांच पूरी होने तक रोक जारी रहेगी।”
— संतोष कुमार शर्मा, डीएम












