18 फरवरी से शुरू होगी परीक्षा; सीसीटीवी की निगरानी में रहेंगे केंद्र, सेक्टर मजिस्ट्रेटों को दिए सख्त निर्देश
Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 11 February, 2026 (Wednesday, 03:51pm)IST
महराजगंज: प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा ‘यूपी बोर्ड’ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। मंगलवार को जीएसवीएस इंटर कॉलेज में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि परीक्षा की शुचिता में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सतर्कता ही सफलता की कुंजी:
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया कि वे परीक्षा शुरू होने से पहले ही अपने आवंटित केंद्रों का सघन निरीक्षण कर लें। उन्होंने कहा, “परीक्षा के दौरान अधिकारियों का सतर्क और सक्रिय रहना अनिवार्य है। एक छोटी सी मानवीय भूल भी पूरी परीक्षा की पारदर्शिता को खतरे में डाल सकती है।”
सीसीटीवी और बुनियादी सुविधाओं पर जोर:
डीएम ने डीआईओएस को निर्देश दिया कि जनपद के प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए केंद्रों पर:
- पेयजल की उचित व्यवस्था
- साफ-सुथरे शौचालय
- परीक्षा कक्षों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था
होनी अनिवार्य है। यदि किसी केंद्र पर संसाधन कम हैं, तो उन्हें समय रहते दुरुस्त कर लिया जाए।
18 फरवरी से 12 मार्च तक चलेगी परीक्षा:
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) पी.के. शर्मा ने बैठक में बताया कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक संचालित होंगी। सभी केंद्र व्यवस्थापकों को बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पुस्तिका का गहन अध्ययन करने और उनका कड़ाई से अनुपालन करने को कहा गया है।
बैठक में रहे मौजूद:
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) डॉ. प्रशांत कुमार, एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता, सीओ सदर जे.पी. तिवारी, बीएसए ऋद्धि पांडेय सहित सभी सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक उपस्थित रहे।











