डीएम की जांच में खुली पोल: बिना टेंडर निकाल लिए लाखों, ट्रैक्टर मालिक के खाते में सीधे भेजे सरकारी रुपये
Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 12 February, 2026 (Thrusday, 07:51am)IST
महराजगंज/निचलौल: निचलौल ब्लॉक की भेड़िया ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी खजाने में बड़ी सेंधमारी का मामला प्रकाश में आया है। मनरेगा पार्क और पंचायत भवन निर्माण में कुल 7,15,371 रुपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देश पर गठित जांच टीम की रिपोर्ट के बाद पूरे ब्लॉक में खलबली मच गई है।
निजी खातों में पहुंचा सरकारी धन:
जांच रिपोर्ट के अनुसार, भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि मनरेगा पार्क में मिट्टी भराई के नाम पर 1.34 लाख रुपये नियमों को ताक पर रखकर सीधे एक ट्रैक्टर मालिक के निजी खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। इतना ही नहीं, मौके पर साइन बोर्ड न होने और कार्यों का बढ़ा-चढ़ाकर मूल्यांकन दिखाने के चलते 2.71 लाख रुपये की अतिरिक्त हेराफेरी पकड़ी गई है।
बिना टेंडर डकार गए 4.43 लाख
पंचायत भवन के नाम पर भी नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। राज्यवित्त योजना के तहत मिट्टी भराई के लिए बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के 4.43 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया।
कुर्सी पर खतरा: 95-जी का नोटिस जारी:
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने ग्राम प्रधान अखिलेश प्रकाश यादव को धारा 95-जी का नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं, डीपीआरओ ने सचिव राजीव रामचंद्रन से स्पष्टीकरण तलब किया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर धन की रिकवरी के साथ-साथ प्रधान को पद से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।











