July 28, 2026 6:35 pm

निचलौल सीएचसी में हड़कंप: डीएम के औचक निरीक्षण में बिफरे अधिकारी, रात में भी अस्पताल से दवा देने के सख्त निर्देश

Reported by: Adrash Tripathi 

Edited by: Amit Yadav 

Updated: 15 February, 2026 (Sunday, 09:55am)IST

महराजगंज/निचलौल:  क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने उपजिलाधिकारी निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) निचलौल का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान अस्पताल परिसर में हड़कंप की स्थिति रही। निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों को दो-टूक चेतावनी दी गई कि मरीजों के इलाज में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बाहर की दवा लिखने पर लगेगी लगाम:

निरीक्षण के दौरान सबसे अधिक जोर दवाओं की उपलब्धता पर रहा। अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को स्वास्थ्य केंद्र से ही दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। अक्सर यह शिकायतें मिलती रही हैं कि चिकित्सक बाहर की दवाएं लिख देते हैं, जिससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। अब शासन की मंशानुसार, अस्पताल के स्टॉक में मौजूद दवाओं का ही वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया है।

रात में भी मिलेगी दवा, लापरवाही पर गिरेगी गाज

निरीक्षण में यह स्पष्ट किया गया कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

  • रात्रि सेवा: रात्रि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों और फार्मासिस्टों को निर्देश दिया गया कि आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों को रात में भी अस्पताल से ही दवा उपलब्ध कराई जाए।
  • कठोर कार्रवाई: ड्यूटी से नदारद रहने वाले या मरीजों को बाहर की दवा के लिए मजबूर करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

मरीजों की सुविधा सर्वोपरि:

निरीक्षण अधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जन को मुफ्त और सुलभ इलाज मुहैया कराना है। यदि सीएचसी के अंदर दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को बाहर भेजा जाता है, तो इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा और संबंधित के विरुद्ध तत्काल रिपोर्ट भेजी जाएगी।

Leave a Comment

और पढ़ें

best news portal development company in india

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें