- महाराजगंज में खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन की त्रैमासिक समीक्षा बैठक संपन्न
- एडीएम कोर्ट ने मिलावटखोरों से वसूला लाखों का जुर्माना, सीमावर्ती इलाकों में दवाओं की भी होगी जांच
Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 08 July, 2026 (Wed
महराजगंज: जनपद में मिलावटखोरी और घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की त्रैमासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी (डीएम) गौरव सिंह सोगरवाल ने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने जिले के सभी खाद्य प्रतिष्ठानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण और लाइसेंस सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
बच्चों की सेहत सर्वोपरि: स्कूलों और आंगनबाड़ियों में चलेगा विशेष अभियान
मासूमों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए डीएम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जा रहे मिड-डे मील व भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए और भोजन के नमूने (सैंपल) लेकर जांच के लिए भेजे जाएं। इसके साथ ही, युवाओं में बढ़ते क्रेज को देखते हुए बाजार में बिकने वाले फूड सप्लीमेंट्स के भी सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच कराने के आदेश दिए गए हैं।
सीमावर्ती इलाकों में दवाओं की बिक्री पर रहेगी पैनी नजर
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के क्रम में डीएम ने औषधि निरीक्षक को निर्देशित किया कि वे सीमावर्ती क्षेत्रों में दवाओं की बिक्री और उनकी गुणवत्ता की सघन जांच करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सरकार द्वारा संचालित जनऔषधि केंद्रों पर आम जनता को निर्धारित दरों पर ही उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं मिलें।
कार्रवाई की रिपोर्ट: वसूला गया 35 लाख से अधिक का जुर्माना
बैठक के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी (सीएफएसओ) केके उपाध्याय ने बताया कि जिले में अब तक 1114 खाद्य लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं और 6069 प्रतिष्ठानों का पंजीकरण हुआ है। कोर्ट की कार्रवाई का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि:
- वित्तीय वर्ष 2025-26: एडीएम कोर्ट द्वारा कुल 201 वादों का निस्तारण करते हुए दोषियों से 27.62 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
- वित्तीय वर्ष 2026-27 (जून तक): इस चालू वर्ष में अब तक दर्ज 73 वादों में से 53 का निस्तारण कर 8.06 लाख रुपये का अर्थदंड वसूला जा चुका है।
बैठक में रहे मौजूद:
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में एडीएम, सीएफएसओ केके उपाध्याय, सीओ सदर अंकुर गौतम, जिला आबकारी अधिकारी अतुल द्विवेदी, डीआईओएस पीके शर्मा, उपायुक्त उद्योग नीरज सिंह और औषधि निरीक्षक नवीन कुमार सहित कई अन्य जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहे।











