मंगलवार को पहुंचे 1200 मरीज; उल्टी, दस्त और तेज बुखार ने बढ़ाई चिंता, 14 गंभीर रूप से भर्ती
Reported by: Adrash Tripathi
Edited by: Amit Yadav
Updated: 08 July, 2026 ( Wednesday, 11:21am)IST
महराजगंज: मौसम के बदलते मिजाज और उमस भरी गर्मी ने जिले के लोगों का स्वास्थ्य बिगाड़ कर रख दिया है। बारिश के बाद निकल रही तेज धूप और उमस के कारण लोग तेजी से उल्टी-दस्त (डायरिया) और वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। इसकी गवाही जिला अस्पताल के आंकड़े दे रहे हैं, जहाँ मंगलवार को ओपीडी खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर दो बजे तक रिकॉर्ड 1200 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिससे अस्पताल परिसर छोटा पड़ गया।
512 मरीज सिर्फ बुखार और डायरिया के पीड़ित
अस्पताल पहुंचे कुल मरीजों में से 512 लोग सिर्फ उल्टी-दस्त और तेज बुखार से पीड़ित थे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर 498 मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया, लेकिन गंभीर रूप से पीड़ित 14 मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत वार्ड में भर्ती करना पड़ा।
पैथोलॉजी लैब में लगी लंबी कतारें, 468 को जांच की सलाह
दवा लेने के बाद भी बुखार से राहत न मिलने की शिकायत पर डॉक्टरों ने सतर्कता बरतते हुए 468 मरीजों को पैथोलॉजी जांच (ब्लड टेस्ट) की सलाह दी। इसके बाद खून का नमूना देने के लिए लैब के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। लैब तकनीशियन सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि भीड़ को देखते हुए दोपहर दो बजे तक सभी मरीजों की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए।
डॉक्टर की विशेष सलाह: तेज बुखार को न लें हल्के में, बन सकता है इंसेफेलाइटिस का कारण
“तेज बुखार होने पर तुरंत करें पानी की पट्टी”
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश रमन ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस मौसम में तेज बुखार होने पर इंसेफेलाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) होने की आशंका काफी बढ़ जाती है।
- क्या करें: तेज बुखार आते ही तुरंत ठंडे पानी से पूरे शरीर को पोछें।
- सतर्कता: सिर पर ठंडे पानी की पट्टी तब तक करते रहें जब तक कि बुखार पूरी तरह सामान्य न हो जाए। इसमें लापरवाही भारी पड़ सकती है।
अस्पताल प्रशासन मुस्तैद: सीएमएस
“बदलते मौसम के कारण बुखार और डायरिया के मरीजों में अचानक इजाफा हुआ है। अस्पताल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से इलाज व सुविधाओं के बारे में हर रोज खुद जानकारी ली जा रही है ताकि किसी को असुविधा न हो।”
– डॉ. एके द्विवेदी, सीएमएस (जिला अस्पताल)











